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शुक्रवार, 25 जुलाई 2014

उत्तरप्रदेश राजनीती

गृहमंत्री चाहें तो उत्तर प्रदेश सरकार
की बखिया यह कह कर उघाड़ सकते हैं
क़ि चूँकि उप्र में सत्तारूढ़ दल
की लोकसभा चुनाव में बुरी तरह से हार हुई
है तो उसको विधानसभा में मिला जनादेश
भी बेमतलब है। राज्य सरकार को बर्खास्त
करने की नई मुहीम के लिए संविधान
खंगालने की जरुरत भी नहीं होगी, पूर्व में
१९७७ में जनता पार्टी की जीत के बाद
कई राज्यों की कांग्रेस सरकारें
तत्कालीन गृहमंत्री चौधरी चरण सिंह ने
यही कह कर बर्खास्त करने की नीति चल
दी थी।
# छोटा_मुंह_और_बड़ी_बात

भद्रजनो का खेल

पान गटकने के बाद इहाँ- उँहा पीक कर
सड़कों से छेड़छाड़ करते देसी भद्रजन
या भद्रजनों के खेल के मक्का कहे जाने वाले
लॉर्ड्स में पिच से छेड़छाड़ करते
फिरंगी भद्रजन .. दोनों में भले ही कुछ फर्क न
हो, लेकिन भारत लॉर्ड्स में खम्ब ठोंकने के पूरे
मूड में है !! #Cricket

दिल्ली की राजनीती

दिल्ली में सरकार बनाने, # लोकतंत्र के नाम
पर # शैतान_राजनीति ..!!
आम आदमी पार्टी पर पहले कांग्रेस ने डोरे
डाले तो भाजपा देखती रही और अब
भाजपा आँखें दिखा रही है तो कांग्रेस देख
रही है .. सब के सब एक ही थैली के चट्टे-बट्टे
हैं, किसी को शर्म तक महसूस नहीं होती ..
बहुत हुई सस्ती बेटिकट नौटंकी, अब
विधानसभा भंग करके जल्द महंगे चुनाव होने
ही चाहिए !!

पगडंडियो का जमाना

एक स्त्री नौकरी के सिलसिले में एक बड़े
आदमी के पास सच्चरित्रता का प्रमाणपत्र
लेने गयी थी। बड़े आदमी ने पहले उसे अपने
शयनकक्ष ले जाना चाहा और बाद में
सच्चरित्रता का प्रमाणपत्र देना चाहा।
पहले देवता आदमी बनकर ठगते थे, अब
आदमी देवता बनकर ठगते हैं।

# पगडंडियों_का_ज़माना <>
# हरीशंकर_परसाई

स्विस बैंक की हकीकत

स्विट्जरलैण्ड के ऊपर से गुजरते वक़्त
हेलीकॉप्टर से नीचे झांक रहे रजनीकांत
का पर्स जिस बिल्डिंग पर गिरा, वह आज
स्विस बैंक के नाम से पहचानी जाती है।
वहां रखे पैसे को काला धन कहा जाता है।
वैसे, जितना काला बताया जा रहा है,
रजनीकांत उतने भी काले नहीं। फिर इस धन
के काले होने क़ी इतनी हवा काहे उडी है।
बाबाजी का ठल्लू

शिव शिव शिव शिव शिव

शिव के राज में, शिव के माह में, शिव के
लिए जल
ला रहे शिव भक्त कावड़ियों पर, शिव के
नाम
पर, शिव क़ी पुलिस क़ी लाठियां .. समझ
नहीं आता, येन त्योहारों पर भीड़भाड़ भरे
धार्मिक स्थलों पर यह वीआईपी मूवमेंट
होता ही क्यों है ??
सन्दर्भ >> सावन के पहले सोमवार
को तो उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में
सपरिवार दर्शन को पहुंचे
मुख्यमंत्री क़ी सहूलियत के लिए
कावड़ियों पर
पुलिस ने खूब लाठियां भांजी। सात साल
के एक
बच्चे तक को नहीं छोड़ा गया। कोई
देखना चाहें, तो सहारा मध्यप्रदेश/
छत्तीसगढ़
के पास, अभी भी टेप सुरक्षित होगा ।।

शनिवार, 5 जुलाई 2014

हिमांशु का जन्मदिन

सुदिनं सुदिनं जन्मदिनम तव, भवतु मंगलम
जन्मदिनम।
विजयी भव सर्वत्र सर्वदा, भवतु मंगलम
जन्मदिनम ।।
प्रभु हिमांशु वोरा का इस धरा पर अवतरण कुछ
वर्षों पूर्व आज ही के शुभ दिन हुआ था। वक़्त
के साथ उन्हें आज "छोटा मुंह बड़ी बात" के
एडमिन के रूप में, हिंदी क़ी टाँगे तोड़ते हुए
अपना इंसानी धर्म बड़े जोशोखरोश से
निभाते हुए देखना, अपने आप में एक सुखद
अनुभूति है। यह भाईचारा सदैव कायम रहे,
इसी दिली कामना के संग समस्त "छोटा मुंह
बड़ी बात" परिवार की और से उन्हें जन्मदिन
पर हार्दिक शुभकामनाएँ !!

How to increase GDP

PM is concerned about increasing GDP of
the country.
PM has discovered the most easiest way
to increase GDP
that is, by increasing the price of ..
G = Gas
D = Diesel
P = Petrol
After FEEL GOOD now ACHCHHEY DIN...

राजनीति में सभ्य लोग

हमारी संसद बीती १३ मई को ६२ साल
की हो गई और १६ वीं लोकसभा में नई
सरकार है। देश की राजनीति में अच्छे,
ईमानदार, चरित्रवान, कर्मठ और जुझारू
लोगों के आए बिना देश का भला सम्भव
नहीं, सोचता हूँ राजनीति की कड़ाही में
ताल ठोकते हुये उतर ही जाऊँ। खुशी है
राजनीति में शामिल हो चुके
लोगों की स्वार्थपरता अब ऐसे मुकाम पर
पहुँच गयी है कि सभ्य लोग
भी राजनीति में दोबारा शामिल होने के
बारे में कभी-कभी सोचने लगे हैं। आज अगर
लोकतंत्र लड़खड़ाता दिख रहा है
तो यकीं मानिये सिस्टम नहीं हम असफल
हुए हैं।
जागो रे जिन जागणा जब जागण
की बार ..,
फिर क्या जागे नानका जब सोवे पाँव
पसार .. !!

बुधवार, 30 अप्रैल 2014

विशेषणों की निम्नता

नए नए विशेषण गढ़े जा रहे हैं, विशेषणों की निम्नता के स्तर में नित नए बदलाव किए जा रहे हैं,संशोधन और समर्थन किए जा रहे हैं...! आश्चर्य होता है कि दोयम दर्जे की भाषा के इस्तेमाल से मस्तिष्क की समग्र कुंठा उड़ेलते हुए, निम्नतम राजनीतिक शिष्टाचार प्रदर्शित करने की चरम प्रतिस्पर्धा दिखाने वाले 'नेतागण' किस प्रकार के संविधान मे विश्वास करते हैं और आम जन के बीच कैसे मुँह दिखाते हैं...? जिस आमजन के प्रतिनिधि होने का ये दावा करते हैं वो तो सिर्फ चकित और विषादग्रस्त है इनके आचरण से...!!! . #blog